दिल्ली तू तो बन बैठी महारानी है
लुटी सड़क पे मगर तेरी दीवानी है
सूख गया क्या आँखों का पानी दिल्ली
रहीं बेटियां लुटती तू अनजानी है
अब तेरा आँचल महफूज नहीं दिल्लीलड़ें मौत से आज किसी की निशानी है
खुद के तू गुणगान खूब करती दिल्ली
मगर हकीकत तेरी यही कहानी है
सना खून से तेरा आँचल है दिल्ली
अब ना रही चुनरिया तेरी धानी है
बड़े बड़े वादे करती हो तुम दिल्ली
तेरी ये करतूत मगर हैवानी है
जहाँ गूंजते माँ के जयकारे दिल्ली
क्यूँ दैत्य बाहू पाशों में फसी भवानी है
सड़े गले क़ानून बदल दो अब दिल्ली
ताकी ना कर पाए कोई मनमानी है
अब भी तेरा खून नहीं गर खौला तो
खूब समझना लहू हुआ अब पानी है डॉ आशुतोष मिश्र
आचार्य नरेन्द्र देव कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी
बभनान, गोंडा, उत्तर प्रदेश
मोबाइल न० ९८३९१६७८०१
लुटी सड़क पे मगर तेरी दीवानी है
सूख गया क्या आँखों का पानी दिल्ली
रहीं बेटियां लुटती तू अनजानी है
अब तेरा आँचल महफूज नहीं दिल्लीलड़ें मौत से आज किसी की निशानी है
खुद के तू गुणगान खूब करती दिल्ली
मगर हकीकत तेरी यही कहानी है
सना खून से तेरा आँचल है दिल्ली
अब ना रही चुनरिया तेरी धानी है
बड़े बड़े वादे करती हो तुम दिल्ली
तेरी ये करतूत मगर हैवानी है
जहाँ गूंजते माँ के जयकारे दिल्ली
क्यूँ दैत्य बाहू पाशों में फसी भवानी है
सड़े गले क़ानून बदल दो अब दिल्ली
ताकी ना कर पाए कोई मनमानी है
अब भी तेरा खून नहीं गर खौला तो
खूब समझना लहू हुआ अब पानी है डॉ आशुतोष मिश्र
आचार्य नरेन्द्र देव कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी
बभनान, गोंडा, उत्तर प्रदेश
मोबाइल न० ९८३९१६७८०१