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Tuesday, 28 May 2013

ए पी टी आई चुनाव : क्या हम झुनझुना बजायेंगे ?

 ए पी टी आई चुनाव :  क्या हम झुनझुना बजायेंगे ?

आया आया पर नहीं आया
जैसे ही मैंने अपने बाक्य पे बिराम लगाया
मेरा गैर फार्मेसी दोस्त बुदबुदाया
अरे! क्या आया क्या नहीं आया
अरे मेरे यार ऐ पी टी आई का चुनाव आया
पर मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं आया
मैंने जब उसे बताया तो उसने फिर सवाल उठाया
ये ऐ पी टी आई क्या बला है
आपका इससे क्या सम्बन्ध भला है 
अरे! ये फार्मसी  शिक्षकों की एक संस्था है
शिक्षकों को एक मंच पर लाती है
फार्मसी शिक्षा के प्रसार में महती भूमिका निभाती है
और जब संस्था होगी तो कुर्सी होगी
कुर्सी होगी तो होड होगी
बूढ़े और जवानो में दौड होगी
एक तरफ अनुभव एक तरफ जवानी
जवानी है तूफानी तो अनुभव ने सीख ली थोड़ी बेईमानी
समय चक्र चल रहा है
शिक्षक से  राज शिक्षक 
राज शिक्षक से राजा शिक्षक में बदल रहा है
वक्त के साथ नए पैकर में ढल रहा है
राजा शिक्षक बनते ही राजनीति आयी
समाज सुधारक शिक्षक ने पूरी पारदर्शिता दिखाई
लोगों को बात भाई
बिकेंद्रीकरण प्रक्रिया ने हर राज्य में कुर्सी पहुंचा दी
आई पी एल के क्रिकेटरों के तरह
शिक्षकों की मह्त्वाकान्छाएं जगा दी
इतनी सारी कुर्सियां देखकर सब परेशान हो रहे हैं
बड़ी नहीं तो छोटी का ही सपना संजो रहे हैं
दोस्त मासूमियत से बोला भाई जी क्या आप भी भाग्य आजमायेंगे
हम बोले हम जहन्नुम में जायेंगे
तुम भाग्य आजमाने की बात करते हो हम वोट ही नहीं दे पायेंगे
कुर्सी तो दूर किसी लायक को कुर्सी तक पंहुचा भी नहीं पायेंगे
आपका नाम वोटर लिस्ट में शामिल क्यों नहीं?
दोस्त ने जैसे ही दूसरा सवाल उठाया
मैं बौखलाया
राजनीत में राज अनीत का पदार्पण हो रहा है
चुनाव की चर्चा जोर शोर से की जायेगी
रजिस्ट्रेसन की बात पानी का बुलबुला हो जायेगी
चेलो का वोटर लिस्ट में होगा नाम
गुरु और गुरुओ के गुरु होंगे गुमनाम
बड़े लाइफ मेंबर का सर्टिफिकेट लेकर घूमेंगे
बच्चे वोट देंगे
लोग कई कई राज्यों में रजिस्ट्रेसन करवाएंगे
मरहूमों के नाम भी वोटर लिस्ट में आयेंगे
हमने अपना फरियादे मेल भिजवाया
लेकिन कोई प्रभाव नहीं पाया
जैसे घोटाले के बाद सर्कार मौन हो जाते है
समिति भी मौन हो गयी
हमारे दिल की बात गुमनामी के अँधेरे में खो गयी
हम वोट दे न दे
चुनाव के परिणाम तो जरूर आयेंगे
सच्चाई हारे तो हार जाए
पर हर शिक्षक आवाज तो उठाये
वरना लोग माला पहनकर इतरायेंगे
और हम झुनझुना बजायेंगे

डॉ आशुतोष मिश्र 
निदेशक
आचार्य नरेन्द्र देव कॉलेज ऑफ फार्मेसी , बभनान, गोंडा , उत्तरप्रदेश


3 comments:

  1. Good One....its time for introspection and retrospection...

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    1. thanks rajiv for your inspiring words and beutiful analysis

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  2. thanks rajiv for your your inspiring words and beutiful analysis

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